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Showing posts from October, 2012

Mr. Kejriwal! Here are my wishes!

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Congratulations my Nation! Our democracy is richer today because Indian voters have got one more option to choose from. Well known social activist Arvind Kejriwal announced the formation of a political party on the auspicious occasion of 143rd birth anniversary of Gandhiji.



But the real question is how his party will be different from a bunch of other parties that we have? First of all, I want his party to be a benchmark for all other parties. I want that there should be an internal democracy within the party in a democratic country like there was in congress before independence (it should be like ‘FDI in multi-brand retail’ resolution was passed by cong. With 32 votes for and 14 votes against it). I am unable to understand how almost all the decisions are taken unanimously within all major parties. I can’t agree on almost all the views of any of my friends around me. It would strengthen the idea of democracy within the party which will be helpful for the nation as people with contra…

यहीं तो दुनियादारी हैं.

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कहने को तो हमारे पांच पड़ोसी थे; पर हमारा आना जाना सिर्फ दो घरों में था. बाकि तीन घरों से हमें दूर रहने की हिदायत मिलती थी, क्यूंकि हमारे घर वाले उन्हें अपने बराबरी का नहीं मानते थे. पर हम बच्चें कहाँ ऊँच-नीच देखने वाले थे. हम बच्चों के बराबरी वाले लोग तो उन्हीं ३ घरो में थे. हमारी क्रिकेट टीम तो उन्ही तीन घरो से बनती थी. अब ये बात घर वालों को कौन समझाए. उन्हें तो राजू में उसके चाय बेचने वाले पापा नज़र आते थे और अर्जुन में उसके चपरासी दादा. घर का आलम ये था कि जबान से एक रोड छाप शब्द छिटका , और इधर माँ के ताने शुरू, " अब राजू- अर्जुन के साथ दिन भर रहोगे तो यही सीखोगे ना "








खैर धीरे -धीरे समय बीतता गया . दसवी तक तो हम तीनों पढ़े , फिर मैं आगे की पढ़ाई करने दिल्ली आ गया . दो साल बाद छुटियों में वापस लौटा तो कभी कभी आस पड़ोस के बच्चों को पढ़ा दिया करता था. राजू अपने पापा के चाय के ठेले पर काम करने लगा था. एक दिन जब मैं कहीं से अपनी बाइक पर अपने लम्बे बालों को हवा में लहरातें हुए, मन ही मन खुद को जॉन अब्राहम समझता हुआ, घर वापस लौट रहा था तो सामने लाल साइकिल पर कोई जाता दिखा. साइकिल जा…