Posts

Showing posts from March, 2013

सबने मुखौटा पहना है।

पता नहीं रात के कितने बजे थे। अँधेरा अभी भी था। आस पास हाथ टटोला। अपना फ़ोन धुंद रहा था मैं। मिल गया, तकिये के नीचे था। नोटीफीकेशन चेक किया।  १ मेसेज रिसीवड! एल सी डी की तेज़ रोशिनी से आँखे छोटी हो गयी। मेसेज में बस मेरा नाम था। किसका मेसेज था, ये देखने की जरूरत ही नहीं थी। अलग ही मज़ा है, ये मेसेज पढने का। नींद में बरबस ही हाथो ने हरकत की, उंगलियों को अपना रास्ता पता था। हरे रंग का एक मात्र बटन दबाते ही उसकी निन्दियाई अलसाई “हेल्लो” सुन ने को मन उतावला हो गया। मेरी आँखे बंद थी। कानो में घंटी की आवाज़ जा रही थी। पूरी घंटी बाज़ गयी; उस ने फ़ोन नहीं उठाया। आधी नींद नशे  की तरह होती है। ज्यादा बुरा नहीं लगता। फ़ोन कब  हाथ से छुट कर बिस्तर पर गिरा, पता ही नहीं चला।  टिंग की आवाज़ के साथ नींद खुली। मैंने मेसेज खोला।  “विल यू रेमेम्बेर मी आलवेज़  लाइक दिस?” मेरा जवाब था- “परहेप्स, कल किसने देखा” इसके बाद मैं फिर एक बार नींद के सागर में खो गया। सुबह हुयी। नींद खुली। याद आया आज कितने काम है। ये मीटिंग, वो मीटिंग, रास्ते का ट्रैफिक जाम, भारत में भ्रस्टाचार, बढती मंहगाई, क्रिकेट में भारत की हा…

बुरा न मानो होली है!!!

Image
माँ का फ़ोन आया था। कह रही थी, नए कपडे खरीद लेना; कल होली जो है। आज ऑफिस से वापस आने में लेट हो गया। महीने के अंत में काम ज्यादा होता है। ८ से ८ ऑफिस में बिताने के बाद मैं ऑफिस के कोनों को घर से ज्यादा अच्छी तरह पहचानता हूँ। घर तो बस रात में सोने आता हूँ। अच्छा होता अगर कंपनी वाले ऑफिस में ही एक बिस्तर दे देते। खैर अब खुद को कोसने से क्या होगा। महीने के अंत में अच्छे-खासे पैसे तो आते है। पापा खुशरहते है – ,”बेटा एम०एन०सी में काम करता है, ७ अंको में सैलरी मिलती है। जब भी वापस घर जाने की बात सोचता हूँ, दोस्त बोलते है,”वापस जा कर क्या करेगा! बैंगलोर में लाइफ है। वहां तेरे लेवल के लोग नहीं मिलेंगे। ये नहीं होगा …..वो नहीं होगा …..फलाना ठिकाना”  चलो मान लिया। लाइफ मतलब शायद १ घंटे काम करना होता है और उसके बाद २ घंटे गाड़ियों के धुओं में घुटना होता है। कल होली है, और मैं पूरा दिन सो कर बिताऊंगा। रात में शायद किसी रेस्तरां में जा कर ओवर प्रआइसड खाना खाऊंगा। दुनिया को गाली दुँगा और फिर गले दिन से वही रूटीन। साथ में काम करने वालो को बोलूँगा,”फलाना फाइव स्टार होटल में डिनर किया। यही लाइफ है भा…

चिठ्ठी

Image
बेटी की चिठ्ठी पढ़ी। खुश है वो अपने ससुराल में। कम से कम उसने लिखा तो यही। दामाद पुणे में रहता है। बड़ा शहर, बड़े खर्चे, बड़ी जिम्मेदारियाँ। कल तक तो इतनी छोटी थी मेरी गुड़िया, आज ना जाने कैसे इतनी सारी जिम्मेदारियाँ संभालती होगी। 


कोई शिकायत नहीं थी उसकी चिठ्ठी में। मानो वो अपनी ख़ुशी से ही सबको खुश कर देना चाहती हो। मन तो करता है कि जा कर एक दफा देख आऊं अपनी बेटी का घरौंदा। पर कभी मौका ही नहीं मिला। चौधरी जी आये थे आज, अपने पैसो का तकादा करने, किसी तरह हाथ-पैर पकड़ कर दो महीनो की मोहलत मांगी। २ लाख लिए थे उनसे, दहेज देने के लिए। आज कल दहेज़ की रकम भी तो इतनी बढ़ गयी है, बचपन से अपनी बच्ची तो पूरे लाड-प्यार से पला हैं। मानता हूँ कि उसे और भी पढ़ा सकता था पर जितना मुमकिन था उतना किया। अपनी हैसियत के अनुसार पढ़ाया और शादी की। अब मैं खुद को तो नहीं बेच सकता ना। बेटी मुझे दोष दे सकती है कि मैं उस से प्यार नहीं करता। क्यूंकि मैंने उसे छोटू की तरह कान्वेंट में नहीं पढ़ाया। क्यूंकि मैंने उसे डांस क्लास के पैसे नहीं दिए। क्यूंकि, मैंने उसे अच्छे कपड़े नहीं पहनाये। पर बेटी, मेरी जगह होती तो तु…

मैं तो बस एक बोझ हूँ .

Image
कल इक्कीसवा जन्मदिन है मेरा।  आज चौथी बार मुझे सलोनी के नए सलवार कमीज़ में "पैक" कर लड़के वालो के सामने पेश किया गया। "ना " ही करेंगे वो लोग. फ़ोन नहीं उठाएंगे, या बोलेंगे रिश्ते के चाचा का देहांत हो गया, इसलिए अब एक साल तक शादी नहीं हो सकती। कुछ मुँहफट तो सीधे बोलेंगे, "लड़की की हाईट  कम है" या "थोडा रंग कम है" .   माँ कभी कुछ नहीं बोलती। वो भी क्या बोलेगी बेचारी। उसने तो एक दफ़ा तो ये सब देखा हुआ है।  वो भी तो कभी लड़की थी। आज सोचती हूँ  कि आज अगर पापा की नौकरी होती तो मैं भी पूनम मौसी की बेटी की तरह इंजीनियरिंग  करके हजारों सपने बुन कर बैठी होती। ऐसा भी नहीं था कि मेरी पढाई की कोई इच्छा ही नहीं था। मेरे लिए तो मेरे माँ-बाप के पास पढ़ाने के पैसे  ही नहीं थे, वरना इक्कीस  साल की उम्र में शादी कौन करता है।  अभी तो सपने देखने में भी डर  लगता है, अच्छे  सपने गाली लगते है। माँ कहती है कि जल्दी से तेरी शादी कर दूँ तो फिर छोटू को ही आगे तक पढ़ने की जिम्मेदारी रह जाएगी। ठीक ही तो कहती है माँ, वैसे भी मुझे पढ़ा कर उनको क्या मिलेगा। क्या गारंटी है की अ…