Sunday, August 25, 2013

मौका तो दीजिये!

रिमझिम फुहारों का भी अपना मजा है,
एक दफा छाता घर भूल के तो आइये,

गलियों में खोने का भी अपना मजा है,
एक दफा रास्ता तो भूल के देखिये ,

गुनगुनाने का भी अपना मजा है,
एक दफा गाना याद तो कीजिये,

मुस्कुराने का भी अपना मजा है,
ज़रा लबों को मौका तो दीजिये!




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